घर का मसाला बनाने का व्यापार कैसे शुरू करें 2021| How to start Spice making business in hindi 2021

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घर का मसाला बनाने का व्यापार कैसे शुरू करें 2021( रॉ मैटेरियल, लागत, मशीन,बनाने की विधि एवं मार्केटिंग)  | How to start Spice making business in hindi 2021  

घर का मसाला हमेशा भोजन में प्रयोग होने वाला वस्तु है। मसाला पड़ने के कारण भोजन का स्वाद लजीज हो जाता हैं। यदि भोजन में मसाला न प्रयोग हो तो भोजन बी स्वाद हो जाता है। वर्तनमान समय हो या इससे पहले के समय में भोजन में मसाले का प्रयोग किया जाता था।

घर का मसाला बनाने का व्यापार कैसे शुरू करें 2021

 

खाने से संबंधित किसी भी चीज में मसले का उपयोग किया जाता है, जिसके कारण इसका व्यापार करके अच्छा लाभ प्राप्त किया जा सकता है। घर पर ही मसाला को तैयार करके मार्केट में बेचकर अच्छी कमाई की जा सकती है।

आप सबको इस व्यापार से संबंधित सभी जानकारियाँ प्रदान की जा रही है, जिसे आप सब पढ़कर घर का मसाला से संबंधित व्यापार में सफलता प्राप्त कर सकते हैं।

घर का मसाला बनाने का व्यापार के लिए रॉ-मटेरियल-:

घर का मसाला बनाने के लिए रॉ-मटेरियल के अंतर्गत खड़े साबूत मसले होते है, जिसे आप मशीन या चक्की में पीस कर इसका व्यापार कर सकते है। रॉ-मटेरियल के अंतर्गत- सूखी मिर्च, इलायची,खड़ी हल्दी, धनिया, जीरा, कालीमिर्च, आदि।

घर का मसाला बनाने का व्यापार हेतु रॉ-मटेरियल का दाम-:

खड़े या साबूत मसालों के प्रति किलो के अनुसार दाम का विवरण निम्न है-

  • सूखी मिर्च- 210₹ – 230₹
  • जीरा मिर्च- 200₹ – 220₹
  • काली मिर्च- 450₹ – 460₹
  • हल्दी- 100₹ -120₹
  • धनिया- 125₹ -130₹
  • लौंग – 540₹ से 580₹
  • जायफल – 625₹ -650₹

घर का मसाला बनाने का व्यापार हेतु मशीन-:

इस व्यापार में मसलों को अच्छी तरह से करके फिर उसके बाद उसे बारीक कर पैकेजिंग करना, जिससे मसलों की गुणवत्ता को बेस्ट किया जा सकता है। इसके लिए मशीनों का विवरण नीचे निमन्वत है-

  • क्लीनर- इस मशीन की मदद से मसाले से धूल, मिट्टी, कंकड़ आदि को साफ किया जाता है।
  • ड्रायर- इस मशीन की मदद से रॉ-मटेरियल में यदि नमी होती है, तो यह मशीन उस नमी को सुख देती है।
  • पावर ग्रेडर- इस मशीन से पिसे हुए रॉ-मटेरियल को नीचे की तरफ भेजना एवं मोटे मसले को ऊपर ले जाने का कार्य करती है।
  • पैकेजिंग मशीन- इस मशीन की मदद से पिसे हुए मसलों को पैकेजिंग करने का कार्य करती है।

घर का मसाला बनाने की पर तरीका-:

गाँव के कुछ घरों में आज भी खड़े साबूत मसलों को सिलबट्टे पर बारीक कर उपयोग में लाया जाता है। सिलबट्टे पर का बारीक किया हुआ मसाला का उपयोग भोजन बनाने में किया जाय तो भोजन स्वादिष्ट के साथ ही पौष्टिक भी होता है ।

आजकल गाँव एवं शहरों में अधिकतर लोग बाजार से खरीदे हुए पिसे मसालों का ही उपयोग करते हैं।

मसाला बनाने की विधि-:

सबसे पहले खड़े साबूत मसले को क्लीनर मशीन की सहायता से साफकर लिया है, फिर उसके बाद उसकी नमी को समाप्त करने केलिए ड्रायर में भेजकर सुखा लिया जाता है। इसके उपरांत पीसने वाली चक्की से पीसकर पैकेजिंग मशीन की मदद से पैकिंग किया जाता है।

घर का मसाला बनाने का व्यापार में प्रयोग की जाने वाली मशीन की कीमत-:

यदि इस व्यवसाय को अधिक से अधिक रूप में प्रचार-प्रसार करना चाहते है तो आपको मशीन की आवश्यकता पड़ेगी, जिसमें आपका पूरा सेटअप 3 लाख से अधिक व्यय करना पड़ेगा।

मशीन कहाँ से खरीदें-

आप ऑनलाइन मशीन खरीदना चाहते है, तो आप इस लिंक पर  यहाँ क्लिक करें पर जाकर मशीन खरीद सकते है।

घर का मसाला बनाने का व्यापार के लिए खर्च-:

यदि आप स्वयं अकेले इस व्यवसाय को घर से करना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको मशीन की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, सिर्फ रॉ-मटेरियल के लिए ही आपको पैसों को खर्च करना पड़ेगा। इस प्रकार से इसमें कुल-मिलाकर 15000 रुपये से लेकर 25000 रुपये तक में व्यापार प्रारम्भ किया जा सकता है।

इसके अतिरिक्त इसमें आपको अपने व्यवसाय को रजिस्ट्रेशन एवं पैकेजिंग मशीन के लिए भी खर्च करना पड़ेगा।

घर का मसाला बनाने का व्यापार में लाभ-:

इस प्रकार घर के बने हुए मसले को आप चाहे तो खुला किलोग्राम या प्रति पैकेट 25 रुपये से लेकर 100 रुपये या इससे अधिक मूल्य में बेंच सकते है। इस प्रकार इस व्यापार में आप 50,000 रुपये से 80,000 रुपये तक कमा सकता है।

यदि आपके मसाले की क्वालिटी अच्छी रहेगी तो लोग आपके मसले को पसंद करेंगे, जिससे आपकी ब्रांड विकसित होगी। इस प्रकार आप इस व्यवसाय से लाखों कमा सकते है।

घर का मसाला बनाने का व्यापार में स्थान-:

इस व्यापार को घर से ही किया जा सकता है, जसके लिए एक निर्धारित स्थान होने की जरूरत है, जिससे इसके परक्रिया में कोई परेशानी न उठानी पड़े । इसमें कम से कम 50 वर्ग मीटर से लेकर 100 वर्ग मीटर जमीन तक की आवश्यकता होती है।

घर का मसाला बनाने का व्यापार की पैकेजिंग-:

यदि आप चाहे तो इसे किसी डिब्बे या छोटे-छोटे लिफ़ाफ़े में बेंच सकते है, परंतु इससे आपके व्यवसाय में वृद्धि होने में समय लगेगा। लोगों तक अपनी पहुँच बनाने के लिए आपको पैकेट के ऊपर आपके ब्रांड का स्टीकर लगा होना चाहिए, जिससे लॉनगो को याद रखने में आसानी होगी।

घर का मसाला बनाने का व्यापार की मार्केटिंग-:

मसलों की मार्केटिंग करना बहुत ही आसान है, चाहे तो आप बाजरों में होल- सेल में बेच सकते है, नहीं तो छोटे- छोटे पैकेटों के रूप में आप आसानी से छोटी दुकानों से लेकर बड़ी दुकानों तक बेंच सकते हैं। यदि आप चाहे तो दुकानों से आर्डर ले सकते है।

घर का मसाला बनाने का व्यापार का पंजीकरण-:

यह व्यापार एक खाद्य व्यापार है, जिसके कारण पंजीकरण करना अनिवार्य है । सर्वप्रथम आप फर्म या व्यापार को उद्योग आधार अथवा MSME एमएसएमई के अंतर्गत पंजीकरण करना होगा। इसके उपरांत आपको सरकार के खाद्य विभाग FSSAI से लाइसेंस एन अनिवार्य होगा।

FSSAI का लाइसेंस लेने के बाद फिर आपके मसाले की गुणवत्ता पर सवाल नहीं उठेंगे । यदि आप ने अपने फर्म को पंजीकरण कराया है। साथी आपको ट्रेडमार्क, आईएसआई लाइसेंस लेना होगा।आपको किसी बैंक में करंट अकाउंट चालू रखना होगा।

मसाला व्यापार में रिस्क-:

इस व्यापार में रिस्क है, और रिस्क है भी नहीं क्योंकि यदि समय पर मसाले की बिक्री नहीं हुई तो कुछ समय बाद यह खराब हो जाते है, अगर समय पर बिकते रहे तो थोड़ा स भी रिस्क नहीं है।

FAQ

Q. गरम मसाला में क्या क्या सामान पड़ता है ?

A.गरम मसाला में जीरा, लाल मिर्च, काली मिर्च, जायफल,लौंग,इलायची, बड़ी इलायची, जावित्री, दालचीनी आदि पड़ता है।

Q.मसाला की मार्केटिंग कैसे करें ?

A.निर्मित मसाला को बाजार में ले जाकर छोटी दुकान से लेकर बड़ी दुकानों एवं होल सेल में बेचकर मार्केटिंग की जा सकती है।

Q.भारतीय मसाले कौन कौन से होते है ?

A.भारतीय मसाला में हल्दी, जीरा,काली मिर्च, सूखी मिर्च,हिंग,धनिया आदि होते है।

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Q. गरम मसाला में क्या क्या सामान पड़ता है ?

A.गरम मसाला में जीरा, लाल मिर्च, काली मिर्च, जायफल,लौंग,इलायची, बड़ी इलायची, जावित्री, दालचीनी आदि पड़ता है।

Q.मसाला की मार्केटिंग कैसे करें ?

A.निर्मित मसाला को बाजार में ले जाकर छोटी दुकान से लेकर बड़ी दुकानों एवं होल सेल में बेचकर मार्केटिंग की जा सकती है।

Q.भारतीय मसाले कौन कौन से होते है ?

A.भारतीय मसाला में हल्दी, जीरा,काली मिर्च, सूखी मिर्च,हिंग,धनिया आदि होते है।


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