गौतम बुद्ध का जीवन परिचय

Spread the love

गौतम बुद्ध ऐसे पुरुष है, जिन्हे सभी लोग महापुरुष कहते है। गौतम बुद्ध का जन्म 563ई०पू० या 566ई०पू० में कपिलवस्तु के पास लुम्बिनी गाँव में आम्र कुंज में माना जाता है। इनके बचपन का नाम सिद्धार्थ था। जन्म के 7वें दिन ही इनकी माता का देहवसान हो गया था।

गौतम बुद्ध का जीवन परिचय

Table of Contents

गौतम बुद्ध का जीवन परिचय-:

नाम गौतम बुद्ध
वचपन का नाम सिद्धार्थ,(गोत्रीय अभियान गौतम)
जन्म 563 ई०पू०
जन्म स्थान लुम्बिनी(कपिलवस्तु के निकट नेपाल की तराई में)
पिता का नाम शुद्धोधन(कपिलवस्तु के शाक्य गण के प्रधान)
माता का नाम माया देवी या महामाया(कोलीय गणराज्य की कन्या)
पालन पोषण मौसी महापजपती गौतमी द्वारा
पत्नी का नाम यशोधरा (शाक्य कुल की)
पुत्र का नाम राहुल
जाति शाक्य कुल (क्षत्रिय)
धर्म बौद्ध धर्म
व्यवसाय बौद्ध धर्म का प्रचार प्रसार करना
मृत्यु 483ई०पू०  (कुशीनगर में)

गौतम बुद्ध का जन्म स्थान कहाँ है?

गौतम बुद्ध का जन्म 563ई०पू० अथवा 566ई०पू० में हुआ था। जन्म स्थान कपिलवस्तु के पास लुम्बिनी गाँव के आम्र कुंज में माना जाता है। बुद्ध जी के जन्म के 7वें दिन माता का स्वर्गवास हो गया। जिसके कारण इनका पालन पोषण इनकी मौसी प्रजापति गौतमी ने अपने देख रेख में किया।

गौतम बुद्ध का जीवन परिचय -:

गौतम बुद्ध के बारें में पंडित के द्वारा की गई भविष्यवाणी-:कालदेव एवं ब्राह्मण कौिण्डन्य ने अपनी भविष्यवाणी में यह घोषणा की यह बालक चक्रवर्ती राजा या बहुत ही प्रकांड सन्यासी होगा। गौतम बुद्ध वचपन से ही बहुत चिंतनशील थे। ये अधिकतर जम्बू वृक्ष के नीचे बैठकर प्रायः ध्यान मगन रहते थे।

गौतम बुद्ध की पत्नी का नाम क्या था?-:

गौतम बुद्ध की पत्नी का नाम यशोधरा था। जब पंडित ने इनके बारे में यह भविष्यवाणी  की थी, की यह एक चक्रवर्ती सम्राट या सन्यासी होंगे। तो इनके पिता को बहुत ही चिंता रहती थी, की मेरा पुत्र एक राजा के स्थान पर सन्यासी न हो जाए, इससे इनके पिता ने इनका विवाह यशोधरा से कर दिया। जो बहुत ही सुंदर थी। यशोधरा के अन्य नाम गोपा,बिम्ब एवं भद्रकच्छा है। इनसे राहुल नामक पुत्र का जन्म हुआ।

गौतम बुद्ध के वैराग होने प्रमुख कारण-:

गौतम बुद्ध के जीवन संबंधी 4 दृश्य प्रमुख है, जिनको देखकर इनके मन में वैराग्य की भावना उत्पन्न हो गई-:

  • वृद्ध व्यक्ति को देखना।
  • बीमार व्यक्ति को देखना।
  • मृत व्यक्ति को देखना।
  • प्रसन्न मुद्रा में सन्यासी को देखना।

गौतम बुद्ध ने 29 वर्ष की आयु में अपना घर त्याग दिया था। बुद्ध के सारथी ने इन्हे रथ से महल के कुछ दूर ले जाकर छोड़ दिया। सारथी का नाम चाण था और घोड़े का नाम कनथक् था।

गौतम बुद्ध के गृह त्याग घटना को बौद्ध धर्म में महाभिनिष्क्रमण कहा गया।

गौतम बुद्ध सर्वप्रथम अनुपिय नामक उद्यान में एक सप्ताह तक रुके रहे। इसके उपरांत यह मगध राज्य की राजधानी राजगृह पहुँच गए, जहां के शासक बिम्बसार थे। वैशाली के पास बुद्ध की मुलाकात आलार कालाम नामक सन्यासी से हुई।

बुद्ध जी की मुलाकात राजगृह के नजदीक रुद्रक रामपुत्र नामक धर्माचार्य से हुई। इसके पश्चात बुद्ध उरुवेला(बोध गया) पहुंचे एवं निरंजन नदी के तट पर एक वृक्ष के नीचे बैठकर तपस्या आरंभ कर दी। इनके साथ पाँच तपस्वी भी थे, परंतु सुजाता के द्वारा दी गई भोज्य सामग्री के कारण इनको छोड़कर वे सभी सारनाथ चले गए।

गौतम बुद्ध के ज्ञान प्राप्त करने वर्णन-:

गौतम बुद्ध उरुवेला से गया पहुँच गए, और वहाँ पर एक पीपल के पेड़ के नीचे बैठकर समाधि लगाई। बुद्ध जी को 8 वें दिन (वैशाख पूर्णिमा के दिन) ज्ञान(बोधि) की प्राप्ति हुई, और वे बुद्ध कहलाये। और उन्हे तथागत से भी संबोधित किया गया। जिसका अर्थ है- उत्य है ज्ञान जिसका (बुद्ध का एक और नाम शक्यमुनि है)

गौतम बुद्ध के उपदेश-:

गौतम बुद्ध गया से ऋषिपत्तन अथवा मृगदाव(सारनाथ) पहुंचे, जहां पर पहले से ही पाँच ब्राह्मण मौजूद थे। बुद्ध ने इन्ही पांचों ब्राह्मणों को प्रथम उपदेश दिया। इस घटना को बौद्ध ग्रंथ मे धर्मचक्र परिवर्तन कहलाया।

ज्ञान प्राप्ति के 20 वर्ष पश्चात बुद्ध श्रावस्ती पहुँच गए और वहाँ पर अंगुलिमाल डाकू को अपना शिष्य बना लिया। बुद्ध ने अपने बौद्ध धर्म का सबसे अधिक प्रचार-प्रसार कोसल राज्य में किया।

गौतम बुद्ध का मृत्यु कहाँ पर हुआ था?-:

गौतम बुद्ध ने अपने अंतिम वर्ष में ये अपने शिष्य चुंद(लोहार अथवा सोनार) के यहाँ पावा पहुंचे। यहाँ पर बुद्ध जीने सूकरमादव भोज्य सामग्री खाने से अतिसार रोग से पीड़ित हो गए, फिर ये पावा से कुशीनगर चले गए और वहीं पर सुभदद को अपना अंतिम उपदेश दिया। 80 वर्ष की अवस्था में इनकी मृत्यु हो गई, जिसे बौद्ध ग्रंथ में महापरिनिर्वाण कहा जाता है।
मेरे प्रिय पाठकों अपको यह “गौतम बुद्ध का जीवन परिचय” पढ़कर कैसे लगा आप अपने विचार जरूर प्रस्तुत करें।

FAQ-:

Q.गौतम बुद्ध के माता पिता का नाम क्या था?

A. गौतम बुद्ध के माता का नाम माया देवी एवं पिता का नाम शुद्धोधन था।

Q. गौतम बुद्ध के अनुसार मनुष्य का कर्तव्य क्या है?

A. गौतम बुद्ध के अनुसार मनुष्य का कर्तव्य अहिंसा, सत्य, चोरी न करना, धन न संचय करना। ब्रह्मचर्य, दोपहर के बाद भोजन न करना, मदिरा का सेवन न करना आदि।

Q.गौतम बुद्ध किसका अवतार है?

A.गौतम बुद्ध ने जब तपस्या करके ज्ञान प्राप्त किया तो वे बुद्ध कहलाये। इसके कारण गौतम बुद्ध को भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है।

Q.गौतम बुद्ध के चचेरे भाई का क्या नाम था?

A.गौतम बुद्ध के चचेरे भाई का नाम था देवदत्त था।

आप इसे भी पढ़ें-:

[मिस यूनिवर्स 2021] हरनाज कौर संधू का जीवन परिचय

पराग अग्रवाल का जीवन परिचय | Parag Agrawal biography in hindi

जैन धर्म

Solar system in hindi

Motions of the earth|पृथ्वी की गतियां

Q.गौतम बुद्ध के माता पिता का नाम क्या था?

A. गौतम बुद्ध के माता का नाम माया देवी एवं पिता का नाम शुद्धोधन था।

Q. गौतम बुद्ध के अनुसार मनुष्य का कर्तव्य क्या है?

A. गौतम बुद्ध के अनुसार मनुष्य का कर्तव्य अहिंसा, सत्य, चोरी न करना, धन न संचय करना। ब्रह्मचर्य, दोपहर के बाद भोजन न करना, मदिरा का सेवन न करना आदि।

Q.गौतम बुद्ध किसका अवतार है?

A.गौतम बुद्ध ने जब तपस्या करके ज्ञान प्राप्त किया तो वे बुद्ध कहलाये। इसके कारण गौतम बुद्ध को भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है।

Q.गौतम बुद्ध के चचेरे भाई का क्या नाम था?

A.गौतम बुद्ध के चचेरे भाई का नाम था देवदत्त था।


Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *